Monday, September 30, 2024

अपना

 कुछ दूर हुए,  कुछ का छूटा साथ

बिखर गए वो रिश्ते था जिन पर

नाज।

सपने में भ्रम था या भ्रम में सपना

हुए पराए सभी माना जिसे अपना।।


है छलावा या हसीन सपना

लगता है जब कोई अपना

लगती है ठोकर, खुल जाती आंख, नजर नहीं आता कोई

याद रह जाता है बस सपना।।


उड़ जाती है नीद याद आता है हर वो चेहरा, थे कभी जो साथ

माना था जिन्हें दिल ने अपना।।



खोकर खुद को कहना किसी को अपना, जैसे होश हवास में खुद को छलना।।



पाओ खुद को बनाओ अपना 

होंगे पूरे हर ख्वाब, नही छूटेगा कोई साथ, ना टूटेगा कोई सपना।।

Thursday, September 26, 2024

ये जिंदगी

 डरते हैं सभी मौत से,

पर आसान  कहां है जिंदगी?

कभी फूलों की सेज, कभी कांटो का ताज है जिंदगी।।


जिंदगी है सबके लिए

पर एक समान नही जिंदगी

हिम सी शीतल कही

कही अंगारों की ताप जिंदगी।।


चले कुछ कदम है बहार जिंदगी

 थक जाते चलते चलते पर और चलाती है जिंदगी।।


है शिकायत ही शिकायत जिंदगी

मगर है फिर भी सबसे खास जिंदगी क्यों की उलझनों को सुलझाना सिखाती है जिंदगी।।


होती है कुछ को आराम कुछ को काम जिंदगी पर काम से ही पहचान दिलाती हैं जिंदगी।

रुकना नही कभी दुश्वारियों से 

दुश्वारियों से जीत जाना है जिंदगी।