Saturday, December 27, 2025

मुलाकात

 छोटी सी वो  मुलाकात दिल में समा गई

 दो पल का साथ प्यास बढ़ा गई। 

 खामोश थे लब मगर नज़रों ने बया कर दिया

  पास होकर भी दूर रहे यही दिल दूरी दिल को सुलगा गई।।


कहना था बहुत कुछ मगर वक्त का साथ न मिला

घड़ी की टिक टिक बेचैनी बढ़ा गई।

पास थे फिर जैसे सदियों की दूरी थी 

हाथों की अधूरी चाह हसरतों को दबा गई।।


न वादे थे न कसमें कोई

बस पलकों पर बात ठहर गई।

छूट गया साथ रह गई अधूरी आस

वो छोटी सी मुलाकात एक तड़प छोड़ गई।।


Thursday, December 25, 2025

इंतजार

 सोच कर तेरे बारे में गुजर जाती है रात

 नींद हो जाती है गुम दिल करता है इंतजार।


  मेरी हर शाम को है तेरी सुबह का इंतजार

  कब आएगा तेरा कल मेरे हर आज को है इंतजार।।


  मिलेगा जवाब कब मेरे हर सवाल को है इंतजार

  मिलेंगे अहसास को अहसास मेरे हर अहसास को है इंतजार।


   गुजर रही है उम्र सारी  न गुजरता इंतजार

   मेरे इंतजार को है इंतजार कब खत्म होगा ये इंतजार।।


   बढ़ रही मेरी बेकरारी को है सब्र का इंतजार

   तूफान में कश्ती को जैसे साहिल का इंतजार।।