manjari

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Thursday, November 4, 2021

इस तरह दिवाली मनाएं

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 किसी रोते को हंसाए,  इस तरह दिवाली मनाएं दूर कर गम का अंधेरा, रोशनी की किरण फैलाए इस तरह दिवाली मनाएं। भेदभाव की दीवार गिराए किसी रूठे को म...
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Friday, October 1, 2021

क्यूं आए हो?

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 फिर जो तुम आए हो, कौन सा गम नया लाए हो? बातें जो शहद सी मीठी है, उनमें कौन सा जहर कौन घोल लाए हो? किस  नूर सी आंखे चमक रही  है?, चमक में कौ...
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Sunday, September 12, 2021

उलझन

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 उलझ जाओ गर उलझनों में, तो उलझो नही , लड़ जाओ उलझनों से। माना उलझने उलझाती है , पर सच है , उलझने हीं नई राह दिखाती है।। जिंदगी भी सीधी कहाँ ...
Monday, August 9, 2021

संघर्ष

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 बैठे हो क्यों दुनिया से मुंह मोड़ कर। आएगा पीछे जमाना देख तू खुद को जोड़ कर।। है पथरीली राहें पर चलना है तपकर दुख की आंच में । कुंदन सा निख...
Wednesday, August 4, 2021

हम जमाने से नही

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 चलती है दुनियां हकीकत से फसाने से नही। जमाना है हमसे  हम जमाने से नही।। टूट कर जो बिखर जाए हम हैं वो शीशा नहीं। मिलता है दर्द अपनो से बेगान...
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Saturday, July 31, 2021

तुम नही हो

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 है वही सावन, वही बूंदों की फुहार  बस तुम नही हो। है गुलशन में ,बहार ही बहार बस तुम नही हो।। भाती थी तुम्हे जो चूड़ियां जो साजो श्रृंगार, बज...
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Friday, July 16, 2021

फादर्स डे

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 लिखूं कैसे कुछ शब्दों में  बहता है जो लहू रगो में। सिर्फ एक दिन नही अर्पित है उन पर जीवन समर्पित।। घर में उनको रुलाते है तस्वीरों में फादर्...
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