manjari
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Saturday, December 17, 2022
स्त्री है वह
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दर्द में डूब कर मुस्कान देती है जो रूप उस सा दुनिया में नहीं कोई और बस स्त्री है वह।। है अल्हड़ नादान सी वह है बेखबर दुनिया से अनजान सी...
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Wednesday, November 30, 2022
नशा
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नशा उसकी बातों का नशा है उसके दीदार का नशा है। बस यूँही हुईं जो मुलाकात, उस मुलाकातका नशा है। उसके इंतजार का नशा है इंतजार में बढ़ी जो बेकर...
Thursday, October 6, 2022
साथ चलो
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कौन जाने किसकी मंजिल है कहां कल हम यहां तुम वहां।। माना मंजिले है जुदा मगर चंद कदम तो साथ चलो खोलना ना दिलों के राज मगर मगर अश्कों के हमर...
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Thursday, September 29, 2022
आरजू
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मिटा दी हर तस्वीर तेरी मुसुकुराती है दिल में मगर सूरत तेरी। भुला दिया हर याद को रह रह कर जो याद आए कैसे भूलूं उन बातों को?।। वो जाहिर है ल...
Wednesday, July 27, 2022
तुम जो मिल गए
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जब से तुम मिल गए रांहो में गुल खिल गए भंवर में थी जिंदगी साहिल मिल गया मिले जो तुम सारा जहां मिल गया।। रहो ना दूर न यू खफा हो किस्मत से मिल...
Sunday, July 24, 2022
बेखबर
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पलको के चिलमन से देखा जो उसे फासले बहुत नजर आए मूंद ली जो पलके मन में बस वही नजर आए चैन मेरा खोने लगा है। मेरा वो जबसे होने लगा है। देखकर ...
Saturday, July 23, 2022
अधूरा इंकार
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निगाहों से कर के इजहार जुबां से मुकर क्यूं जाते हो? रहते हो दिल में मेरे घर कही और क्यों बताते हो? नही है प्यार कह के प्यार क्यों दिखाते हो...
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