manjari

▼
Thursday, July 20, 2023

बेखबर

›
 ऐ बेखबर कभी तू भी ले ये खबर। तड़पता है दिल तेरी याद में, क्या तुझे है खबर? थक गई है पर हटती नहीं तेरी तस्वीर से नजर। देख ले तू भी मुझे बस ए...
Saturday, July 1, 2023

बूंदे

›
 बरसती हैं बूँदें इस तरह हिल मिल। संभालूँ दिल को कैसे, है बड़ी मुश्किल। है वो मुझसे दूर, मुझसे बेखबर अनजान। पर दिल को हरपल रहता है फिर भी गु...
Sunday, June 11, 2023

नही आता

›
 कहती हूं हाले दिल जो कभी रोक देते हो चुप रहना नहीं आता? हो जाती हूं खामोश अगर रास नहीं आती खामोशी टोंक देते हो बोलना नहीं आता? रहते हो दूर ...
1 comment:
Sunday, April 9, 2023

अच्छा लगता है।

›
 तन्हा रातों में तुम में खो जाना                    अच्छा लगता है छुपाए मन में तुम्हें नींद से  जग जाना                     अच्छा लगता है। त...
Friday, February 10, 2023

देखो

›
 रहते हो खामोश हमेशा, कभी बोल के भी तो देखो छुपा रखा है दिल में जी राज  कभी खोल के भी तो देखो।। रहते हो दूर दूर हमेशा कभी पास आकर भी तो देखो...
1 comment:
Wednesday, February 8, 2023

आया बसंत

›
 सुनहरी धूप, मस्त हवा का झोका लाया बसंत    लेकर यादें रुपहली आया बसंत    मदहोशी का खुमार लाया बसंत कही इंतजार कही मिलन की सौगात लाया बसंत।। ...
Saturday, December 17, 2022

स्त्री है वह

›
 दर्द में डूब कर मुस्कान देती है जो रूप  उस सा  दुनिया में नहीं कोई और  बस स्त्री है वह।। है अल्हड़  नादान सी वह है बेखबर दुनिया से अनजान सी...
1 comment:
‹
›
Home
View web version

About Me

मन की मन से
View my complete profile
Powered by Blogger.