चाय में डूबे बिस्किट को देखकर
ये ख्याल आया
डूब जाओ गर किसी में
वजूद किस कदर बिखर जाता है
डूबने का घर शौक है तुझे
तो खुद में डूब जाओ
गर खुदा ना मिले
शायद खुद को ढूंढ पाओ
नदिया भी डूबकर सागर में
वजूद खो देती है
गर हुए खुद से जुदा
दुनिया भी जीने कहां देती है
जलने का है गर शौक तुझे
तो सूरज बन जाओ
रोशन कर खुद को
जहां को चमकाओ।
ये ख्याल आया
डूब जाओ गर किसी में
वजूद किस कदर बिखर जाता है
डूबने का घर शौक है तुझे
तो खुद में डूब जाओ
गर खुदा ना मिले
शायद खुद को ढूंढ पाओ
नदिया भी डूबकर सागर में
वजूद खो देती है
गर हुए खुद से जुदा
दुनिया भी जीने कहां देती है
जलने का है गर शौक तुझे
तो सूरज बन जाओ
रोशन कर खुद को
जहां को चमकाओ।
Behad shandar aur bhavpoorn... 👌👌🙏
ReplyDeleteसूरज बन जाओ
ReplyDeleteBahut khoob, lage raho !
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