हो जाओ दूर तो कोई गम नही,
अब और सहेंगे सितम नहीं,
फिर से मिलने की हसरत ना रही,
धुंधली हो गई अब यादें भी तेरी,
सूख गए है आंसू आंखों में ,
नमी की कमी अब हो गई आँखो में,
काटे नही कटते थे लम्हे तेरे बिन,
इंतजार की अब वो घड़ियां ना रही,
लिखती थी तेरे प्यार में अफसाने तमाम,
खामोश हुए अल्फाज उनमें वो कशिश ना रही,
हो जाओ दूर तो कोई गम नही।
अब और सहेंगे सितम नहीं ।।
विरह की गंभीर भावनाएं
ReplyDelete👍👍