manjari

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Tuesday, December 31, 2019

विदाई

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एक साल और गया थोड़े गम थोड़ी खुशियां दे गया एक और साल गया कोई चाहत हुई ख़ुद ही पूरी कोई ख्वाहिश रह गई अधूरी थोड़ा सयाना थोड़ा नादान बन...
Sunday, December 29, 2019

मंजरी

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मैं मंजरी हूं जीवन के आरंभ में हूं जीवन के अंत में हूं हर खुशी हर गम हूं मै मंजरी हूं जीवन समर्पित इतना कभी देवों के सर चढ़ी कभी जीव...
Tuesday, December 24, 2019

असर

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लगाया जो काजल उसने आंखो में चुराया चैन उन निगाहों ने गिर  गई जो एक लट  गालों पे छुप गया चांद बादलों में दिल धड़का दिया होंठो की लाली ने...
Sunday, December 22, 2019

बनारस

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आन बनारस शान बनारस जिंदगी का नाम बनारस मस्ती का पैगाम बनारस शिक्षा का धाम बनारस मुक्ति का द्वार बनारस स्वाद का संगम बनारस रस का शहर ब...
Monday, December 16, 2019

कोशिश

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गर पाने की है चाहत सिर्फ एक तारा नहीं सारा आकाश तुम्हारा है ना निहारो एक फूल को जब गुलशन तुम्हारा है सीख लो अगर तिनकों तिनकों को जोड...
Sunday, December 15, 2019

क्यूं

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बात बराबरी की तुम्हे खटक क्यों जाती है? पाया जिनसे जीने का अधिकार नज़रें उन्हीं पर मचल क्यों जाती है? हाथ पकड़ कर चलना सीखा जिनसे नज़रे...
4 comments:
Tuesday, December 10, 2019

अक्स

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ना परी ना हूर जैसी ना  शायर की गजल जैसी ना सूरज का तेज ना चांदनी जैसी ना सरगम के सुर जैसी थोड़ी अलबेली थोड़ी पहेली थोड़ी सी अलग खु...
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