manjari

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Monday, January 20, 2025

कमी

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  रह गई थी कमी शायद कोई  जो चाहा पा न सके न तुम समझे न हम समझा सके। न पा सके न भूला सके  मूंद ली  आँखें मगर ख्वाबों से  जुदा  न कर सके। मिली...
Thursday, October 3, 2024

रात

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सुबह की रोशनी लाती है नई उम्मीदों की आस  उम्मीदों को पंख दे जाती है रात थक जाते है जब दिन में कर के काम थकान को हटा दुलारती है रात।। भागते ह...
Monday, September 30, 2024

अपना

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 कुछ दूर हुए,  कुछ का छूटा साथ बिखर गए वो रिश्ते था जिन पर नाज। सपने में भ्रम था या भ्रम में सपना हुए पराए सभी माना जिसे अपना।। है छलावा या ...
Thursday, September 26, 2024

ये जिंदगी

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 डरते हैं सभी मौत से, पर आसान  कहां है जिंदगी? कभी फूलों की सेज, कभी कांटो का ताज है जिंदगी।। जिंदगी है सबके लिए पर एक समान नही जिंदगी हिम स...
Saturday, July 6, 2024

हम कहीं तुम कहीं

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 चलना था साथ, चले भी मगर हम कही तुम कही। चाहा था साथ , मिला एक कोना मगर दिल में नही। था इंतजार दोनो को मगर बेकरारी एक सी नही। मांगा था प्यार...
Sunday, May 5, 2024

सोचा न था

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 निगाहों से दिल में उतरकर यूं चला जाता है कोई सोचा न था। साथ चलते चलते  अचानक यूं छोड़ जाता है कोई  सोचा न था। बनकर करार बेकरारी दे जाता है ...
Saturday, March 23, 2024

कहीं दूर चल

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 चल मन कही दूर चल जहां दिखे पूरा चांद जहां मिले खुला आसमान हो हवा निर्मल कल कल बहता हो  नदिया का जल। न हो काला जहरीला धुंआ जहां बस मुझे वही ...
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मन की मन से
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