Thursday, January 6, 2022

वो इस तरह मेरी जिंदगी में आया

 वो इस तरह जिंदगी में आया

बना कर अपना किया सबको पराया

वो इस तरह से जिंदगी में आया

कोई कमी थी उसके बिना

भटक रहा था दिल रांहो में 

मिला सुकून उसकी पनाहो में

एक भटके राही को मिला ठिकाना

वो इस तरह जिंदगी में आया

उसके नूर से रोशन है दुनिया मेरी

उसकी चाहत ताउम्र बाकी रहे

हो जाए जो  बंद आंखे दीवानगी बाकी रहे

बदले से लगते है नजारे

फूल तो फूल पत्थर भी लगते प्यारे

नही कोई शिकायत ऊपरवाले से

जिंदगी के सफर में वो मंजिल बन आया

वो इस तरह से जिंदगी में आया

बना कर अपना किया सबको पराया।

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