manjari
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Thursday, March 31, 2022
खामोशी
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दिल को कर जाती है बेजार तेरी खामोशी आंखो को रुलाती जार जार तेरी खामोशी तोड़ती है हसरतें बार बार तेरी खामोशी आंखो से छलकाए प्यार हर बार पर ल...
Sunday, February 20, 2022
सफर
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छूट जाती है काया प्राण चला जाता है जल जाती है देह राख भी साथ नहीं जाता है खामोश हो जाती है सुरीली तान सदा सदा के लिए चुप हो जाते हैं अल्फाज...
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Friday, January 28, 2022
मां
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तपती धूप में शीतल सी छाँव है माँ। ठिठुरती ठंड में जो ऊष्मा अलाव है माँ।। मुरझाए जीवन को खिलाए वह बरसात है माँ। हटाकर शूल जो खिलाए फूल वह वस...
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Sunday, January 16, 2022
गुनाह
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होकर इश्क में फना ये गुनाह कर बैठे इश्क को इबादत सनम को खुदा मान बैठे मंजूर है इश्क में हर सजा ऐलान ये खुले आम कर बैठे। ना आए वो शिकायत नही...
Tuesday, January 11, 2022
उलझन
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देख कर उसको देखा ना खुद को कभी जान कर उसको कुछ जानने की चाहत नही उसको देखू उसको चाहूं भुलाए भी भूल ना पाऊं जहां भी जाती हूं बस उसे ही पाती ...
Thursday, January 6, 2022
वो इस तरह मेरी जिंदगी में आया
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वो इस तरह जिंदगी में आया बना कर अपना किया सबको पराया वो इस तरह से जिंदगी में आया कोई कमी थी उसके बिना भटक रहा था दिल रांहो में मिला सुकून ...
Wednesday, January 5, 2022
मुझे दे दो
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नही चाहिए कुछ तुमसे देना है तुम्हें कुछ, कहा था मुझसे। देना है तो अपने गम दे दो बहता है जो दर्द आंखो से वो दर्द सनम दे दो।। माथे की लकीरों ...
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