आसान राहों में
मिल जाते है हमराही कई
पथरीले रास्तों में
नजर नही आता कोई
खिलते गुलशन के
बागबां है सभी
पतझड़ का
रखवाला नही कोई
महफिलों के साथी सभी
तन्हाई में साथ छूट जाते है सभी
खुशियो से नही
गमों से भी
जो करें प्यार
वही है सच्चा साथ
मिल जाते है हमराही कई
पथरीले रास्तों में
नजर नही आता कोई
खिलते गुलशन के
बागबां है सभी
पतझड़ का
रखवाला नही कोई
महफिलों के साथी सभी
तन्हाई में साथ छूट जाते है सभी
खुशियो से नही
गमों से भी
जो करें प्यार
वही है सच्चा साथ
Wazan aa raha hai dhire dhire Vikki babu.....
ReplyDeleteबहुत खूब
ReplyDeleteWah bahut khub
ReplyDeleteGreat ! Keep going !
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