Saturday, May 2, 2026

खामोश बेरुखी

 दिल से तुमको दिल्लगी है, मुझे है दिल का गुमान

  चाहे तुम चाहो न चाहो फिर भी लेंगे तेरा नाम।

   न जाने ये कैसी दीवानगी है या मुहब्बत का जुनून

    तुम न समझ सके तो है ये तेरी समझ का कुसूर।।


      मुझे है तुम्हारी ही चाहत, दिल है तुम्हारे लिए बेकरार

       तुम न आओ फिर भी मगर हम करेंगे इंतजार।

        तन्हाइयों में जो घुट जाए जो दम

         फिर न आवाज देना लौट के न आयेंगे हम।।

    

काश

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