Wednesday, August 4, 2021

हम जमाने से नही

 चलती है दुनियां हकीकत से

फसाने से नही।

जमाना है हमसे 

हम जमाने से नही।।


टूट कर जो बिखर जाए

हम हैं वो शीशा नहीं।

मिलता है दर्द अपनो से

बेगाने से नही।।


हारता है इंसान खुद से

हराने से नही।

मिलती है खुशियां एक से 

जमाने से नही।।


जानना है तो मिलो खुद से

जमानें  से नही।

दिल बहलता है दिल से

तराने से नहीं ।।

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काश

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