थे साथ हम मगर
तुम थे हम नहीं
सुना है आशियाने तेरे कई
ठिकाना मेरा कोई नहीं
आम है किस्से तेरी रहनुमाई के
हक मेरा कोई नहीं
है गुरुर जो खुद पर अगर
याद ये भी रखना मगर
जो ना हो झुकने का हुनर
आंधियों में बिखर गए जो
ठिकाना उनका कोई नहीं।
तुम थे हम नहीं
सुना है आशियाने तेरे कई
ठिकाना मेरा कोई नहीं
आम है किस्से तेरी रहनुमाई के
हक मेरा कोई नहीं
है गुरुर जो खुद पर अगर
याद ये भी रखना मगर
जो ना हो झुकने का हुनर
आंधियों में बिखर गए जो
ठिकाना उनका कोई नहीं।
Wow kya baaat hai
ReplyDelete