Friday, July 16, 2021

फादर्स डे

 लिखूं कैसे कुछ शब्दों में 

बहता है जो लहू रगो में।


सिर्फ एक दिन नही अर्पित

है उन पर जीवन समर्पित।।


घर में उनको रुलाते है

तस्वीरों में फादर्स डे मनाते हैं।


जिनके आशिषों  से जीवन मे छाया

सिर्फ एक दिन उनके हिस्से में आया?


पाकर जीवन उनसे इस कदर खो जाते हो,

निकाल उन्हें जीवन से फादर्स डे मनाते हो।


करना है जो कुछ अर्पण,

दिखावा नहीं ,करो समर्पण।।


बैठो उनके पास बिताओ कुछ पल

सेवा से जिनके होता जीवन सफल।

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काश

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