Thursday, March 31, 2022

खामोशी

 दिल को कर जाती है बेजार

तेरी खामोशी

आंखो को रुलाती जार जार

तेरी खामोशी

तोड़ती है हसरतें बार बार

तेरी खामोशी

आंखो से छलकाए प्यार हर बार

पर लबों से इंकार कराए 

तेरी खामोशी

घुल गया सांसों में  तेरा प्यार

पर नजरे ना मिलाए

तेरी खामोशी

है तुम्हे भी इंतजार

पर कराए दूर  तेरी खामोशी

ना कराए दूर ना आने दे पास

तेरी खामोशी

तू भी है बेकरार पर दिखाए करार

तेरी खामोशी

हो गई हूं परेशा

ना समझ आए तेरी खामोशी

अब तुम ही बता दो 

चाहे क्या  तेरी खामोशी?

कहना चाहे हाल ए दिल मगर

चुप क्यों  है तेरी खामोशी?

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