चांद में चांदनी है जैसे
फूलों में रंग है वैसे
कोयल की कूक
बरसात में जैसे।
लगे सुहावन मन को ऐसे
ठंड में सर्दी की धूप जैसे
बेचैन हो तूभी कभी ऐसे
चाहे तुझे कोई मेरे जैसे।
नन्ही आँखों में थी सपनों की ऊँची उड़ान - प्यारी थी ज़िंदगी - लबों पर मुस्कान थी हर कदम पर मुश्किले पर दिल को था एहसास, बदलेगी दु...
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