थक गई है जिदंगी
काम के भार से
कुछ पल तो निकालो
फुर्सत के आराम के
हासिल होगी हर मंजिल
सोचो तो जरा
इत्मीनान से ।
काम के भार से
कुछ पल तो निकालो
फुर्सत के आराम के
हासिल होगी हर मंजिल
सोचो तो जरा
इत्मीनान से ।
नन्ही आँखों में थी सपनों की ऊँची उड़ान - प्यारी थी ज़िंदगी - लबों पर मुस्कान थी हर कदम पर मुश्किले पर दिल को था एहसास, बदलेगी दु...