Wednesday, March 10, 2021

अरज

 हे त्रिपुरारी सुन लो अरज हमारी

आई है दुखियारी शरण तिहारी

हे महाकाल हे स्वामी

तेरी महिमा न्यारी

आई है दुखियारी शरण तिहारी

हर लो रोग संताप

दो आरोग्य करो निष्पाप

हर लो अज्ञान शोक अंधियारा

खुशी हो हर घर मुस्कुराए जग सारा

जूझ रहा विफलताओं से मन 

दिखा दो राह सूरज बन

हे कैलाश के वासी

सुन लो अरज हमारी।

आई है दुखियारी शरण तिहारी


Thursday, March 4, 2021

सूखे पत्ते

 बिखरे है जमी पर कुछ सूखे पत्ते

जो थे अभी कुछ सूखे कुछ मटमैले

जिन्हें देख कहते थे कभी 

नई कोपले आई

गिरते है आज वही पेड़ो से 

बन पतझड़ की गवाही

खेला था जिनकी छांव में कभी बचपन

छीन रही छांव सूखे पत्ते बन

जो देते थे कभी 

इतिहास की गवाही

बिखरे पड़े हैं आज 

सुनता न कोई दुहाई

सहेज लो हर सूखे पत्ते

जुड़ी है जिंदगी जिनसे

पेड़ो से टूट गए जो पतझड़ में

हो जायेंगे हरे वसंत में

मुरझा गए जो जीवन में 

ना खिलेंगे फिर कभी किसी मौसम में

समेट लो हर सुखा पत्ता

क्यों की सूखे पत्तों से ही इतिहास बनता।

Wednesday, March 3, 2021

हे शारदे वर दे

 हे हंसवाहिनी वर दे

हे शारदे वर दे

हर अज्ञान तिमिर

ज्योति पुँज भर दे

हे शारदे वर दे

शब्दो को सँवार

वाणी में ओज भर दे

हे वीणावादिनी वर दे

दूर कर कलुषित विचार

मन सद्गुणों से भर दे

हे शारदे वर दे

मिटे नफरत का अंधियारा

बहे प्रेम प्रकाश की धारा

ऐसा जीवन सुंदर दे

हे शारदे वर दे।

Sunday, February 14, 2021

फौजी

 कदमों  की आहट से दुश्मन थराए

 देख चेहरे का तेज सूरज भी शीश झुकाए

बांहों में जिनके हिमालय सा दम

रहे देशहित में हरदम

हो राहें पथरीली या समतल

रुके नहीं जिनके कदम

 मौत भी जिनको  डरा ना पाए

कोई बाधा उन्हें क्या रोक पाए?

चट्टानों में भी जो रास्ता बनाएं

कर आसमां से निगरानी देश बचाए

रुकी सी जिंदगी को जो रफ्तार दे  जाए

चीरकर लहरों का सीना

आगे ही बढ़ती भारतीय सेना

मिटा कर खुद की हस्ती लहराते तिरंगा

देकर खून जिगर का बहाते देश प्रेम की गंगा

है धन्य फौजी का जीवन

निछावर करे जो मातृभूमि पर तन मन

है महफूज सरहदें तुमसे

वतन की शान है तुमसे

हो सफल वह जीवन

जब मिले फौजी का तन।







Wednesday, February 10, 2021

आंसू

 दिल दुखता है तो बहते है आंसू

 हंसता है दिल तो बहते है आंसू

जुबां कह ना पाए दिल की बात 

तो साथ निभाते है आंसू

होता है हर्ष अपार

तो बहते है आंसू

मिलन है आंसू जुदाई है आंसू

निकाल कर आंखों से

मन हल्का कर देते है आंसू

धोकर मन का मैल 

निर्मल कर देते है आंसू

थक जाओ जो कभी जिंदगी की  राहों में

तो रो लेना जी भरकर अकेले में

क्यों की निकाल मन की कमजोरी

नया जोश देते है आंसू

जिंदगी की उलझनों में

 राह दिखाते है आंसू।









Tuesday, February 9, 2021

मन की बात

 उर्दू आती नहीं ना हिंदी का ज्ञान है

कहती हूं मन की बात बस मेरे भाव है

कता का पता नहीं मिसरा अंजान है

आता नहीं समझ  भाव में

मीटर का क्या काम है?

आती नहीं साहित्य की वर्णमाला

मन मेरा  नादान है

मन को भाती मन की बात

उड़ता पंछी मन मेरा

बंदिशों से अंजान है।




Tuesday, February 2, 2021

अधूरा इश्क

 खोया चैन करार, 

जब हुआअधूरा इश्क़

 छीनकर लबों की हंसी

आंसू लाया सौगात

 अधूरा इश्क

लेकर शोखी लाया आंखों में इंतजार 

अधूरा इश्क

लेकर  सब मेरा कर गया

झूठे वादे तमाम

अधूरा इश्क

लाकर महफ़िल से दे गया तन्हाई

अधूरा इश्क

पूछते हैं लोग तमाम

है खामियां हजार 

फिर क्यों हैं ?

अधूरा इश्क

नहीं कोई जवाब

लाया ऐसे सवाल

अधूरा इश्क।






काश

  ​नन्ही आँखों में थी सपनों की ऊँची उड़ान - प्यारी थी  ज़िंदगी - लबों पर मुस्कान ​थी हर कदम पर मुश्किले पर दिल को था एहसास, बदलेगी  दु...