मन मेें बस गयी है
चाहत तेरी
रब से भी ज्यादा
भा गयी इबादत तेरी
तेरे इश्क को
नूर कहूँ या कोहिनूर
जल ग़ये खुशियो के दीये
गम हुए जिंदगी से दूर
नन्ही आँखों में थी सपनों की ऊँची उड़ान - प्यारी थी ज़िंदगी - लबों पर मुस्कान थी हर कदम पर मुश्किले पर दिल को था एहसास, बदलेगी दु...
“गम हुये जिन्दगी से दूर”
ReplyDeleteक्या बात है....
शानदार..
ReplyDeleteThanks sir
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