Saturday, November 9, 2019

जिंदगी

लम्हा लम्हा गुजरती है जिंदगी
आधी हकीकत में आधी फसाने में
कभी रूठने में कभी मनाने में
कभी जानने में कभी जताने में
छूटता रहता है वक्त का दामन
फिसलता है समय का मोती
रिश्ते जोड़ने में निभाने में
गुजरती है उम्र सारी
लोगो को पहचान पाने में
कभी टूट कर जुड़ जाने में
कभी जुड़ कर टूट जाने में
बचती  है जो उम्र थोड़ी
वह भी निकल जाती है
क्या खोया क्या पाया?
हिसाब लगाने में।



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