जुड़ा है कई बार टूट कर ये हमारा दिल।
है नाजुक तुम्हारा दिल जो टूटा तो बड़ी मुश्किल।
मेरा दिल मोम के जैसा पिघल कर हो जायेगा।
तुम्हारा दिल जो टूटा, राह का पत्थर हो जायेगा।
तुम कहते हो जिसे पागल
जब वही न होगा वही कल
तुम्हारी होशियारी का नाज कौन उठाएगा?
परेशान करती है जो बातें तुम्हें बहुत याद आएंगी।
नजरे ढूढेंगी मुझे पर मेरी परछाई भी नजर न आएगी।
करते हो रुखसत जबरन जिन्हें तुम आज मेरे दोस्त,
उनके इंतज़ार की घड़ियां रुलाएंगी।।
बहुत सुंदर
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