Thursday, October 3, 2024

रात

सुबह की रोशनी लाती है नई उम्मीदों की आस
 उम्मीदों को पंख दे जाती है रात
थक जाते है जब दिन में कर के काम
थकान को हटा दुलारती है रात।।

भागते है दिन भर सपनो के लिए करते हैं काम 
वही सपने दिखाती है रात
मिलते है दिन में चेहरे कई होती है पहचान
पर खुद से पहचान कराती है रात।।

होती है दिन में कई बातें कई लोगों से
पर खुद से खुद की बात करती है रात
हो मायूस सा दिन लगे न कुछ खास
कुछ  नया करने का जोश दिलाती है रात।।

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