Sunday, October 26, 2025

एक बार

खताएं की तुमने बार-- बार
माना नहीं पर एक बार।

झूठा प्यार दिखाया हर बार
सच्चा प्यार न किया एक बार।।

तय किए तेरे लिए जो फासले हजार बार
उन्हीं राहों में न किया इंतजार एक बार।

माना हर बात तुम्हारी
माना न तुमने मगर मेरी एक बात।।

तेरी राहों में फूल नहीं खुद को बिछाया बार -बार 
कांटे ही बिछाओ मेरी राहों में तुम भी एक बार।

आते हो सपनों में बार - बार
मिलना न सही पर करो इंतजार बस  एक बार।।



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