लगाया जो काजल उसने आंखो में
चुराया चैन उन निगाहों ने
गिर गई जो एक लट गालों पे
छुप गया चांद बादलों में
दिल धड़का दिया होंठो की लाली ने
दिल लूटा हंसी निराली ने
बोल के चंद अल्फाज
जान लिया दिल का हर राज
हर पल कानों में आती है उसकी आवाज़
जाने कैसा ये राज
ना हुर ने ना अप्सरा ने
दिल छीना लड़की
भोली भाली ने।
चुराया चैन उन निगाहों ने
गिर गई जो एक लट गालों पे
छुप गया चांद बादलों में
दिल धड़का दिया होंठो की लाली ने
दिल लूटा हंसी निराली ने
बोल के चंद अल्फाज
जान लिया दिल का हर राज
हर पल कानों में आती है उसकी आवाज़
जाने कैसा ये राज
ना हुर ने ना अप्सरा ने
दिल छीना लड़की
भोली भाली ने।
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