Thursday, November 26, 2020

याद रखना

 पाला है तुम्हें फूलों सा

शूलों सा मत बनना

संवारा है प्यार से बचपन

मेरे बुढ़ापे में साथ रहना।


भूल से भूल हो जाये कोई मुझसे

अपनी भूलों को तुम याद करना

कदम जब लड़खड़ाए मेरे तो

 अपना पहला कदम याद करना।


देना मेरे आंखों में आसूं बेशक

अपने बचपन का रुदन सुन 

हमारा दुलार मनुहार याद करना

अनसुनी करो जो कभी पुकार हमारी

अपने बचपन की पुकार याद करना।


2 comments:

  1. हमारा दुलार मनुहार याद करना

    अपने बचपन की पुकार याद करना।

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  2. Really liked it. Your words are Beautiful.

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