चाहता है दिल आज
कि उड़ जाऊं उन्मुक्त गगन में ।
भर लूं तुम्हें बाहों में
या छुपा लूं निगाहों में।।
हो बातें तमाम निगाहों से
उतार लूं तेरी धड़कने
दिल की गहराई में
मिटा लूं मन की थकान
आगोश की अँगडाई में।
सदियों की प्यास बुझा लूं एक लम्हे में
प्यासी थी जिंदगी मिटा लूं प्यास कतरे कतरे से
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