जीवन का नया सबक सीख रही हूं।
अकेले थी ,अकेले रहना सीख रही हूं।।
जिंदगी की राह में बहुत लड़खड़ाए ,
अब संभालना सीख रही हूं।
खुद से ,खुद में रहना सीख रही हूं।।
बहुत कर ली गैरो से मुहब्बत ,
खुद से प्यार करना सीख रही हूं।
रोक दिया आंसुओ को ,
अब मुस्कुराना सीख रही हूं।।
कल की परवाह नहीं करती अब ,
आज में जीना सीख रही हूं।
आंधियों में बिखर गए जो
उन तिनको को जोड़ रही हूं।।
बहुत चली इशारों पर ,
अब ,खुद से चलना सीख रही हूं।
बहुत कुछ सीखा जिंदगी में
अब जीना सीख रही हूं ।।
जीवन का नया सबक सीख रही हूं।
अकेले थी , अकेले रहना सीख रही हूं।।
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