Sunday, July 24, 2022

बेखबर

 पलको के चिलमन से देखा जो उसे

फासले बहुत नजर आए

मूंद ली जो पलके 

मन में बस वही नजर आए

चैन मेरा खोने लगा है।

मेरा वो जबसे होने लगा है।

देखकर उसे सुकून आ जाता है।

भीड़ में तन्हाई में बस वही नजर आता है

जब से उसके प्यार में रंगी हूं

नीद में जागी और जाग कर सोई हूं।

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