पलको के चिलमन से देखा जो उसे
फासले बहुत नजर आए
मूंद ली जो पलके
मन में बस वही नजर आए
चैन मेरा खोने लगा है।
मेरा वो जबसे होने लगा है।
देखकर उसे सुकून आ जाता है।
भीड़ में तन्हाई में बस वही नजर आता है
जब से उसके प्यार में रंगी हूं
नीद में जागी और जाग कर सोई हूं।
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