Wednesday, July 27, 2022

तुम जो मिल गए

 जब से तुम मिल गए

रांहो में गुल खिल गए

भंवर में थी जिंदगी साहिल मिल गया

मिले जो तुम सारा जहां मिल गया।।

रहो ना दूर न यू खफा हो

किस्मत से मिले हो ना जुदा हो

तुम क्या जानो तुम क्या हो

मीठा सा नगमा, सुरीली सी तान हो।।

मेरी तन्हाई के हमराही, धूप में छांव हो

खोए खोए से थे तुम, तन्हा सी मैं भी

मिला है दिल को जब से तेरा सहारा

खिल सी गई जिंदगी,बेहतर लगे हर नजारा।।

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