Wednesday, February 8, 2023

आया बसंत

 सुनहरी धूप, मस्त हवा का झोका लाया बसंत

   लेकर यादें रुपहली आया बसंत

   मदहोशी का खुमार लाया बसंत

कही इंतजार कही मिलन की सौगात लाया बसंत।।

            खिल गई हर कली 

            बहार ही बहार लाया बसंत

      कही आंसू की सौगात लाया बसंत

     कही हंसी की फुहार, लाया बसंत।।

         खिल  न सके जो मन मंजरी

          किस बहार की बात है बसंत?

           इस बसंत में क्या है खास?

           ये सवाल लाया बसंत।।


          








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