Thursday, July 20, 2023

बेखबर

 ऐ बेखबर कभी तू भी ले ये खबर।

तड़पता है दिल तेरी याद में, क्या तुझे है खबर?


थक गई है पर हटती नहीं तेरी तस्वीर से नजर।

देख ले तू भी मुझे बस एक नजर।।


तुझे क्या खबर! तेरे लिए दिल में जुनून है कितना? सोचूं कुछ और तेरे सिवा

कहां सुकून है इतना।


जीती हूं मगर जिंदा नहीं,

मरती हूं हर रोज पर मरती नहीं।

होती हूं तेरे गम में फना,

पीती हूं अश्कों का जहर।।


दिल में प्यार मचलता है,

आंखों से अश्क छलकता है।

खड़ी हूं इश्क के साहिल पर

चोट पहुंचाती चाहत की हर लहर।।

Saturday, July 1, 2023

बूंदे

 बरसती हैं बूँदें इस तरह हिल मिल।

संभालूँ दिल को कैसे, है बड़ी मुश्किल।


है वो मुझसे दूर, मुझसे बेखबर अनजान।

पर दिल को हरपल रहता है फिर भी गुमान।

जैसे छुपकर कह रहा हो यही कहीं से,

आ मिल जा मुझसे जैसे मिलतीं बूंदे जमीं से।


झूमता है दिल ऐसे जैसे बारिश में नवकोपल।

मिलेंगे दो दिल ऐसे जब आएगा वो पल।


बिजली संग उसकी छवि चमकती है रह रह कर,

बस गया दिल में वो मेरा  हमसफ़र बन कर।

Sunday, June 11, 2023

नही आता

 कहती हूं हाले दिल जो कभी

रोक देते हो चुप रहना नहीं आता?

हो जाती हूं खामोश अगर

रास नहीं आती खामोशी

टोंक देते हो बोलना नहीं आता?


रहते हो दूर दूर मगर

हो जाऊ दूर अगर

ढूंढते हो मिलने के बहाने

फासले सहा नहीं जाता।।


होता है महसूस तुम्हें भी मगर

रोक लेते हो खुद को कहा नहीं जाता

कहते हो रखो दूरियां मुझसे

और छोड़ जाते हो  खुद को मुझमें

तुम्हे तो ठीक से दूर होना भी नही आता।।

Sunday, April 9, 2023

अच्छा लगता है।

 तन्हा रातों में तुम में खो जाना

                   अच्छा लगता है

छुपाए मन में तुम्हें नींद से  जग जाना 

                   अच्छा लगता है।

तेरे एहसास के साथ दिन बिताना 

               अच्छा लगता है।

तुम्हें याद करके हर मुश्किल से जीत जाना 

             अच्छा लगता है।

तन्हाई में तेरी यादों से बातें करना 

             अच्छा लगता है।

नतीजे का इंतजार नहीं इम्तिहान से गुजरना

    अच्छा लगता है।

इंतजार जो खत्म न हो फिर भी वह इंतजार 

       अच्छा लगता है

दूर-दूर तक जो नहीं है साथ

खयालों ख्यालों में उसके साथ  खो जाना 

       अच्छा लगता है।

महसूस करती हूं तुम्हें इस कदर

कि इतने फासले होकर भी

तेरी बाहों में सो जाना अच्छा लगता है।

Friday, February 10, 2023

देखो

 रहते हो खामोश हमेशा, कभी बोल के भी तो देखो

छुपा रखा है दिल में जी राज 

कभी खोल के भी तो देखो।।


रहते हो दूर दूर हमेशा

कभी पास आकर भी तो देखो

मिल जाए जो कभी नजर चुराते हो क्यों?

कभी नजर मिला के भी तो देखो।।


ना मिलने के बहाने बनाते हो हजार

कभी मुलाकात का असर भी तो देखो।।


कहती हूं जो हाल ए दिल कभी

रोक देते हो जुबां तक आती नही बात 

बीच में टोक देते हो क्यों?


बैठ पास कभी रोको न मुझे

सुन के तो देखो।।


होगा असर तुम्हे भी 

कभी महसूस कर के तो देखो।।


किनारे से नापते हो दिल की गहराई क्यों?

कभी दिल में उतर के तो देखो।।

दर्द होता है कितना किसी तड़प में

कभी तड़प के तो देखो।।

Wednesday, February 8, 2023

आया बसंत

 सुनहरी धूप, मस्त हवा का झोका लाया बसंत

   लेकर यादें रुपहली आया बसंत

   मदहोशी का खुमार लाया बसंत

कही इंतजार कही मिलन की सौगात लाया बसंत।।

            खिल गई हर कली 

            बहार ही बहार लाया बसंत

      कही आंसू की सौगात लाया बसंत

     कही हंसी की फुहार, लाया बसंत।।

         खिल  न सके जो मन मंजरी

          किस बहार की बात है बसंत?

           इस बसंत में क्या है खास?

           ये सवाल लाया बसंत।।


          








Saturday, December 17, 2022

स्त्री है वह

 दर्द में डूब कर मुस्कान देती है जो

रूप  उस सा  दुनिया में नहीं कोई और 

बस स्त्री है वह।।


है अल्हड़  नादान सी वह

है बेखबर दुनिया से अनजान सी वह

उलझ कर उलझनों   में जीवन सुलझाती है वह

कोई और नहीं बस स्त्री है वह।।


चुभ जाए  तिनका भी जो आसमान उठाती है

लड़कर  मौत से जीवन देती है जो

कोई और नहीं स्त्री है वह।।


समझ नहीं छोटी-छोटी बातों की

हर  बात पर परेशान हो जाती है वह

समझ कर  दुनिया हर बात   सुलझती है जो

कोई और नहीं स्त्री है वह।।



ब्रेक नहीं लगता गाड़ी में अक्सर टकरा जाती है वह

पर बिखरे  जीवन में ठहराव लाती है वह।।


कोमल है सुकुमार सी यह  क्या कर पाएगी?

कहते हैं लोग ऐसा स्त्री है हार जायेगी

पर छोड़ती कोमलता  जब

दुर्गा बन जाती है वह

कोई और नहीं स्त्री है वह।।



बिखर कर खुद को जोड़  जाती है जो 

कोई और नहीं स्त्री है वह।

मोल  नहीं जिसका जीवन में कोई भी 

बस प्यार से लूटा दे जो  जीवन भी

टूटे बटन से आत्म विश्वास ठीक कर जाती है जो

कोई और नहीं स्त्री है वह।।

काश

  ​नन्ही आँखों में थी सपनों की ऊँची उड़ान - प्यारी थी  ज़िंदगी - लबों पर मुस्कान ​थी हर कदम पर मुश्किले पर दिल को था एहसास, बदलेगी  दु...