Friday, September 8, 2023

डायरी के पन्ने


न हो मुलाकात तो डायरी के पन्ने बुलाते हैं।

मैं लिखती नहीं, बीते लम्हे मुझसे लिखवाते हैं।


सुबह की मुस्कान, कभी शाम की थकान दोनों,

अक्सर अक्षर बनकर  कागज पे उतर आते हैं।


देख इसका  रूप कलम मचल जाती है।

मेरे शब्द सारी खुशी, सब गम बयां कर जाते हैं।


कभी मिलन की ओस  बदन की सिहरन बढ़ाती है

कभी विरह के आंसू मेरे दामन को  भिंगाते हैं।।


बचपन गुनगुनाता है कभी अल्हड़पन जवान होता है। 

कभी मन का भेद,  दुनियां की हकीकत बताते हैं।।


डायरी के पन्ने और कलम में मेरी दुनिया समाती है।

मैं लिखती नहीं, बीते लम्हे मुझसे लिखवाते हैं।।



Sunday, August 20, 2023

तुम वैसे नही हो

 डरता था दिल बार बार

पर दिल को था ये ऐतबार

की तुम ऐसे नही हो।


थमा था जब तुमने हाथ

दिल ने कहा था

हाथ पकड़कर छुड़ा लोगे

तुम ऐसे नही हो।


ना कोई वादा था ना कसमें हजार

बस दिल को था ये अहसास

छोड़ दोगे बीच सफर में 

तुम ऐसे नही हो।।


टूट गया भरम, खत्म हुआ अहसास

दिल से आई बस एक आवाज

माना खुदा जिसे की इबादत

दिन रात

तुम वैसे तो नही हो।।

Wednesday, August 9, 2023

तकलीफ

 पास आकर इतनी दूर चले जाना

छीन कर  नींद मेरी चैन से सो जाना

 तेरे इश्क में घायल दिल को तकलीफ बड़ा देता है।।

न मिलने के दूंढे बहाने

समझे   सब मगर यूं खामोश हो जाना

 तेरे इश्क में घायल दिल को तकलीफ बड़ा देता है।


जताते ना प्यार अगर तो अच्छा था

दिखाकर प्यार यूं तड़पाना तेरे इश्क में घायल दिल को तकलीफ बड़ा देता है।।


अजनबी थे  तुम जब तो अच्छा  था


पहचान बढ़ाकर यह रुख अनजाना

तेरे इश्क में घायल दिल को तकलीफ बड़ा देता है।।

Thursday, July 20, 2023

बेखबर

 ऐ बेखबर कभी तू भी ले ये खबर।

तड़पता है दिल तेरी याद में, क्या तुझे है खबर?


थक गई है पर हटती नहीं तेरी तस्वीर से नजर।

देख ले तू भी मुझे बस एक नजर।।


तुझे क्या खबर! तेरे लिए दिल में जुनून है कितना? सोचूं कुछ और तेरे सिवा

कहां सुकून है इतना।


जीती हूं मगर जिंदा नहीं,

मरती हूं हर रोज पर मरती नहीं।

होती हूं तेरे गम में फना,

पीती हूं अश्कों का जहर।।


दिल में प्यार मचलता है,

आंखों से अश्क छलकता है।

खड़ी हूं इश्क के साहिल पर

चोट पहुंचाती चाहत की हर लहर।।

Saturday, July 1, 2023

बूंदे

 बरसती हैं बूँदें इस तरह हिल मिल।

संभालूँ दिल को कैसे, है बड़ी मुश्किल।


है वो मुझसे दूर, मुझसे बेखबर अनजान।

पर दिल को हरपल रहता है फिर भी गुमान।

जैसे छुपकर कह रहा हो यही कहीं से,

आ मिल जा मुझसे जैसे मिलतीं बूंदे जमीं से।


झूमता है दिल ऐसे जैसे बारिश में नवकोपल।

मिलेंगे दो दिल ऐसे जब आएगा वो पल।


बिजली संग उसकी छवि चमकती है रह रह कर,

बस गया दिल में वो मेरा  हमसफ़र बन कर।

Sunday, June 11, 2023

नही आता

 कहती हूं हाले दिल जो कभी

रोक देते हो चुप रहना नहीं आता?

हो जाती हूं खामोश अगर

रास नहीं आती खामोशी

टोंक देते हो बोलना नहीं आता?


रहते हो दूर दूर मगर

हो जाऊ दूर अगर

ढूंढते हो मिलने के बहाने

फासले सहा नहीं जाता।।


होता है महसूस तुम्हें भी मगर

रोक लेते हो खुद को कहा नहीं जाता

कहते हो रखो दूरियां मुझसे

और छोड़ जाते हो  खुद को मुझमें

तुम्हे तो ठीक से दूर होना भी नही आता।।

Sunday, April 9, 2023

अच्छा लगता है।

 तन्हा रातों में तुम में खो जाना

                   अच्छा लगता है

छुपाए मन में तुम्हें नींद से  जग जाना 

                   अच्छा लगता है।

तेरे एहसास के साथ दिन बिताना 

               अच्छा लगता है।

तुम्हें याद करके हर मुश्किल से जीत जाना 

             अच्छा लगता है।

तन्हाई में तेरी यादों से बातें करना 

             अच्छा लगता है।

नतीजे का इंतजार नहीं इम्तिहान से गुजरना

    अच्छा लगता है।

इंतजार जो खत्म न हो फिर भी वह इंतजार 

       अच्छा लगता है

दूर-दूर तक जो नहीं है साथ

खयालों ख्यालों में उसके साथ  खो जाना 

       अच्छा लगता है।

महसूस करती हूं तुम्हें इस कदर

कि इतने फासले होकर भी

तेरी बाहों में सो जाना अच्छा लगता है।

काश

  ​नन्ही आँखों में थी सपनों की ऊँची उड़ान - प्यारी थी  ज़िंदगी - लबों पर मुस्कान ​थी हर कदम पर मुश्किले पर दिल को था एहसास, बदलेगी  दु...