Monday, February 18, 2019

मन

मन से मन का रिश्ता है ऐसा
जिस्म का रूह से रिश्ता है जैसा
धड़कन  रूक गयी
तो दिल  धड़क न पायेगा
छूट गया जो मन से
मन का साथ
जुदा होकर मन से
मन  कहॉ  जायेगा?
दूरियों की खाई हो
जितनी भी गहरी
मन का दरिया
मन के सागर में
ही  समा जायेगा



2 comments:

  1. जुदा होकर मन से, मन कहाँ जायेगा........

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