था कल चाँद बादल में
चांदनी के साथ
आज मगर लग रहा उदास
चमन में थी बहार ही बहार
आज मगर गुलशन भी वीरान
रास्ते थम से गये
तन्हाई से फिर भी आती है
उसकी आवाज
साथ होकर भी
ना साथ था इतना
दूर जाकर तड़पा
रहा जितना
हर शै हर मंजर उदास है
सबकी आँखो मे उसकी ही
प्यास है ।
चांदनी के साथ
आज मगर लग रहा उदास
चमन में थी बहार ही बहार
आज मगर गुलशन भी वीरान
रास्ते थम से गये
तन्हाई से फिर भी आती है
उसकी आवाज
साथ होकर भी
ना साथ था इतना
दूर जाकर तड़पा
रहा जितना
हर शै हर मंजर उदास है
सबकी आँखो मे उसकी ही
प्यास है ।
तन्हाईसे फिर भी आवाज आती है......👌
ReplyDeleteone should never be sad .
ReplyDeletelime are very heart touching