अंधेरे में उजाले की आस जैसे
रेगिस्तान में पानी की प्यास जैसे
भंवरे का कली से प्यार हो जैसे
बारिश में पपीहे कि पुकार हो जैसे
आसमान से बंजर धरती की आस हो जैसे
उखड़ती सी जिंदगी को सांसों की आस हो जैसे
जिंदगी को तेरी तलाश है वैसे
मिल जाओ जो तुम अगर
जिंदगी बहार हो जैसे।
रेगिस्तान में पानी की प्यास जैसे
भंवरे का कली से प्यार हो जैसे
बारिश में पपीहे कि पुकार हो जैसे
आसमान से बंजर धरती की आस हो जैसे
उखड़ती सी जिंदगी को सांसों की आस हो जैसे
जिंदगी को तेरी तलाश है वैसे
मिल जाओ जो तुम अगर
जिंदगी बहार हो जैसे।
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