पहुंच गई ऐसे मोड़ पर जिंदगी आज
हर तरफ बस रूदन,
क्रंदन ही क्रंदन
मचा है हाहाकार
लगा है लाशों का अंबार
कर सबको दरकिनार
कुछ लोग कर रहे सांसों का व्यापार।
पर अब कुछ करना होगा
मन को मन से जुड़ना होगा
सीखना होगा बार बार
वृक्ष है धरा का श्रृंगार
देगा जीवन का वरदान
फिर नया होगा विज्ञान
अगर बची रहेगी हरियाली
लौट आएगी फिर खुशहाली।
Very nice and touching lines as per today's reality.
ReplyDeleteGood thoughts
ReplyDeleteRJ kya khubsurat line hai wah
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