Saturday, July 6, 2024

हम कहीं तुम कहीं

 चलना था साथ, चले भी मगर

हम कही तुम कही।


चाहा था साथ , मिला एक कोना

मगर दिल में नही।


था इंतजार दोनो को

मगर बेकरारी एक सी नही।


मांगा था प्यार, मिले जख्म ही

 मगर शिकन तक नही।


हसरत थी भींगाए बरसात हमें 

मगर अब तुम कही हम कही।


बदल गए है रास्ते, जुदा है मंजिले

मगर यादों में  है साथ क्यों मालूम नही।

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