Sunday, June 7, 2026

पनाह

 

​धड़कनों की सदा में, एक अनकही बात हो,

जिस्म की चाह न हो, बस रूह का साथ हो।

​लग कर तेरे गले सिमट जाए ये सारी कायनात,

लम्हा सदियों में ढले ऐसा साथ हो ।

​ न हो जहां शिकवे, न कोई ख़ौफ़  की बात 

 बेइंतहा यक़ीन और पाक  जज़्बात हो।

​एक लम्हे में बुझ जाए बरसों की प्यास,

जब दिल से दिल  की  मुलाक़ात हो।

​ 'मन' को तलब रहे बस तेरी पनाह की,

इस पाक मोहब्बत की न कभी हार हो।

1 comment:

  1. मोहब्बत इक पाकीज़गी का नाम है
    फ़ना हो जाना दीवानों का काम है ।
    मोहब्बत कर के देखो तो जानो
    मोहब्बत हसीन जिंदगी का ईमान है।।

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