Sunday, October 26, 2025
एक बार
Thursday, October 9, 2025
जिंदगी बाकी है
नई है दौलत सिक्को की खनक बताती हैं।
नोटो की गड्डियां भला कहां शोर मचाती है ?
आधी गागर छलक जाती है
भरी गागर राही की प्यास बुझाती है।।
है अभी नादान ठोकर की शिकायत बताती है।
सीखा जिसने जीने का हुनर
हर ठोकर उसको नया सबक दे जाती है।।
कमी है उड़ान में अधूरी उड़ान बताती है।
ऊंची उड़ाने हर ऊंचाई पार कर जाती है।।
है कोशिश में कमी हर हार बताती है।
कोशिश हो पूरी तो दुनियां बदल जाती है।।
कम है समय चिंता यही बताती है।
कर कोशिश लगातार एक पल में दुनिया बदल जाती है।।
मिला न कुछ खास चिंता यही सताती है।
जारी रख कोशिशें, जिंदगी अभी बाकी है ।।
Tuesday, September 30, 2025
तहजीब
तहजीब में हम अदब से सर झुकाते हैं ।
मगरुर मगर अकड़ के निकल जाते हैं।।
इतराते है एक फूल पर महक दुनिया को बताते हैं ।
खुशबू से महका चमन हम यूँही छोड़ आते हैं।।
मचल जाते है बारिश की एक बूंद से दुनिया को दिखाते हैं ।
बूंदों की बारिशों में हम नहा के निकल जाते हैं।।
कांच के टुकड़ों को हीरो को ढेर बताते है।
न जाने कितनी दौलत हम छोड़ आते हैं।।
पंख है नए नए अपनी उड़ान दिखाते है।
अपनी परवाजो से हम दुनियों नाप के आते हैं।।
सीखे है दो चार शब्द अभी खुद को जानकार बताते है।
सीख के जीवन का हर सबक हम तहजीब से सर झुकाते हैं।।
Monday, January 20, 2025
कमी
रह गई थी कमी शायद कोई
जो चाहा पा न सके
न तुम समझे न हम समझा सके।
न पा सके न भूला सके
मूंद ली आँखें मगर
ख्वाबों से जुदा न कर सके।
मिली बेरुखी हर बार मगर
एक बार प्यार न जता सके।
लुटाई थी दिल की दौलत जहां
मेरे ग़म में एक आंसू न बहा सके।
दौड़ जाती थी एक आवाज पर
आवाज दी जब उन्हें एक कदम न उठा सके।
हर पल दी खुशियां जिसे
एक मुस्कान भी न दे सके।
समझा था मैने ही गलत उसे
शिकवा नहीं कोई जो न समझा मुझे।
Thursday, October 3, 2024
रात
Monday, September 30, 2024
अपना
कुछ दूर हुए, कुछ का छूटा साथ
बिखर गए वो रिश्ते था जिन पर
नाज।
सपने में भ्रम था या भ्रम में सपना
हुए पराए सभी माना जिसे अपना।।
है छलावा या हसीन सपना
लगता है जब कोई अपना
लगती है ठोकर, खुल जाती आंख, नजर नहीं आता कोई
याद रह जाता है बस सपना।।
उड़ जाती है नीद याद आता है हर वो चेहरा, थे कभी जो साथ
माना था जिन्हें दिल ने अपना।।
खोकर खुद को कहना किसी को अपना, जैसे होश हवास में खुद को छलना।।
पाओ खुद को बनाओ अपना
होंगे पूरे हर ख्वाब, नही छूटेगा कोई साथ, ना टूटेगा कोई सपना।।
Thursday, September 26, 2024
ये जिंदगी
डरते हैं सभी मौत से,
पर आसान कहां है जिंदगी?
कभी फूलों की सेज, कभी कांटो का ताज है जिंदगी।।
जिंदगी है सबके लिए
पर एक समान नही जिंदगी
हिम सी शीतल कही
कही अंगारों की ताप जिंदगी।।
चले कुछ कदम है बहार जिंदगी
थक जाते चलते चलते पर और चलाती है जिंदगी।।
है शिकायत ही शिकायत जिंदगी
मगर है फिर भी सबसे खास जिंदगी क्यों की उलझनों को सुलझाना सिखाती है जिंदगी।।
होती है कुछ को आराम कुछ को काम जिंदगी पर काम से ही पहचान दिलाती हैं जिंदगी।
रुकना नही कभी दुश्वारियों से
दुश्वारियों से जीत जाना है जिंदगी।
काश
नन्ही आँखों में थी सपनों की ऊँची उड़ान - प्यारी थी ज़िंदगी - लबों पर मुस्कान थी हर कदम पर मुश्किले पर दिल को था एहसास, बदलेगी दु...
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चलती है जिदंगी जब तक रफ्तार हो न छोड़ उम्मीद का दामन चाहे आखिरी सांस हो जियो इस तरह जिदंगी कि जहाँ को तुम पर नाज हो।
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तहजीब में हम अदब से सर झुकाते हैं । मगरुर मगर अकड़ के निकल जाते हैं।। इतराते है एक फूल पर महक दुनिया को बताते हैं । खुशबू से महका चमन हम यू...
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सोच कर तेरे बारे में गुजर जाती है रात नींद हो जाती है गुम दिल करता है इंतजार। मेरी हर शाम को है तेरी सुबह का इंतजार कब आएगा तेरा कल मे...